यह हे दुनिया के सात अजूबे के नाम और फोटो सहित 

यह हे दुनिया के सात अजूबे के नाम और फोटो, दुनिया के सात अजूबे दुनिया भर में मशहूर हे। यह सात अजूबे दुनिया के लिए आज भी अजूबे हे।  और हो भी क्यों नहीं ये अजूबे जो हे।  तो इस पोस्ट में हम इन सब दुनिया के अजूबो के बारे में जानकारी देंगे और संक्षिप्त में जानेगे इनसे जुडी रोचक बाते जो देश और दुनिया में कही जाती हे इन अजूबो के बारे में।  

वैसे तो दुनिया में कई सारे अजूबे हे इसी लिए इतिहास करो और पुरातात्विक सम्पदा विभाग ने इन्हे दो प्रकार से विभाजित किया हे। पुराने सात अजूबे दुनिया के और नये सात अजूबे दुनिया के, आज हम सभी अजूबो पर चर्चा करेंगे। और जानेगे की ये दुनिया के लिए कैसे इतने वर्षो बाद भी एक पहेली और रहस्य बने हुए हे। जीने आज पूरी दुनिया अजूबा मानती हे। 

यह हे पुराने सात अजूबो की लिस्ट 

  1. बेबीलोनिया के झूलते बगीचे 

  2. ग़िज़ा के पिरामिड/Giza pyramid

  3. अर्टेमिस के मंदिर/temple of artemis

  4. अलेक्सांद्रिया का लाइट हाउस

  5. मसोलोस का मकबरा/Halicarnassus of Maussollos

  6. ज़ीउस की मूर्ति/statue of zeus 
  7. रोड्स के कोलोसस/colossus of rhodes

यह हे नए सात अजूबो की लिस्ट 

  1. चीन की दीवार 
  2. ताजमहल 
  3. पेट्रा 
  4. क्राइस्ट रिडीमर 
  5. माचू पिस्जू 
  6. क्लोसियम 
  7. चिचेन इत्जा 

दुनिया के सात अजूबे के नाम और फोटो सहित 

1. बेबीलोनिया के झूलते बगीचे 

ग़िज़ा के पिरामिड/hanging gardens of babylon

बेबीलोन के झूलते बगीचे आज भी दुनिया के लिए अजूबे हे क्योकि कोई नहीं जनता कि कैसे ये बगीचे झूलते से परतीत होते हे | चलिए जानते हे इस बगीचे का संक्षिप्त इतिहास 

बेबीलोनिया के झूलते बगीचे का इतिहास 

बेबीलोनिया के झूलते बगीचे “समीरमिस “के बगीचों के नाम से भी जाने जाते हे | प्राचीन दुनिया के  सात अजूबो मेसे ये एक हे | यह आज के इराकी नगर “अल -हिल्लह “के निकट स्थित था | इस उधान का निर्माण “नेबुचनेजार द्वितीय ” ने इसा से छ सौ साल पहले करवाया था | कहानी के अनुसार इस बगीचे का निर्माण राजा ने अपनी रानी को खुश करने के लिए करवाया था |इसा से दो सदी पूर्व एक भूकंप में ये पूर्ण रूप से नष्ट ही गया था |  

2. ग़िज़ा के पिरामिड/Giza pyramid

ग़िज़ा के पिरामिड/Giza pyramid

ग़िज़ा का पिरामिड आज भी दुनिया के लिए नायाब और देखने लायक चीज हे वैसे तो बहुत अजूबे हे हे लेकिन मेरी अपनी राय में ग़िज़ा का पिरामिड अपनी एक अलग पहचान रखता हे 

ग़िज़ा के पिरामिड का इतिहास 

मिस्र सभ्यता  काल में निर्मित ये पिरामिड बहुत भविये हे | यह वह के फ़ेरो (सम्राट )के लिए बनाया स्मारक हे | जिसमे राजाओ के शवों को दफनाकर सुरक्षित रखा जाता हे जिसे ममी कहा जाता हे | इसकी उंचई 450 फिट हे यही २ से 3 टन भार के बड़े बड़े पथरो से निर्मित हे | इसका आधार 13 एकड़ में फैला हे | इस के मुख्य द्वार पर सिंह प्रतिमा हे | इसे  बनाने में 25 लाख लाइम स्टोन लगे हे |  अंदर 
अनके शवों के साथ खाद्यान, पेय पदार्थ, वस्त्र, गहनें, बर्तन, वाद्य यंत्र, हथियार, जानवर एवं कभी-कभी तो सेवक सेविकाओं को भी दफना दिया जाता था।

3. अर्टेमिस के मंदिर/temple of artemis

अर्टेमिस के मंदिर (temple of artemis)

ग्रीस सभ्यता में बना ये भविये मंदिर वहां के देवता अर्टेमिस को समर्पित था | यह इफिसिस में स्थापित था (वतमान में तुर्की के पास )401 ईस्वी तक इसे नष्ट करदिया गया था 

अर्टेमिस के मंदिर का इतिहास 

ग्रीस के देवता अरतिमिस को समर्पित इस मंदिर का  निर्माण लीडिया के राजा क्रुसस ने 550 इसा पूर्व करवाया था जिसे एक पागल आदमी के जलाये जाने ने के बाद पुनः निर्मित करवाया गया था| 356 ईस्वी में हीरोसिस द्वारा |  जो अब एक संग्रालये हे  

4. अलेक्सांद्रिया का लाइट हाउस

अलेक्सांद्रिया का लाइट हाउस/lighthouse of alexandria

अलेक्जेंड्रिया का लाइटहाउस प्राचीन दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक है, हाल ही में। यह पत्थर से बना एक लंबा लाइटहाउस है यह लगभग 100 मीटर ऊँचा हे

 अलेक्सांद्रिया का लाइट हाउस का इतिहास 

अलेक्सांद्रिया के प्रकाश स्तम्भ एक बंदरगाह के बहार फेरोस के द्वीप पर बनाया गया था | लगभग 300 – 280 इसा पूर्व में टॉलमी प्रथम और द्वितीय के काल में निर्मित इसका निर्माण 331 इसा पूर्व में मिस्र में अलेग्क्सेन्डर ने कीथी 
लगभग 300 ईसा पूर्व टॉल्मी आई सॉटर आर। 323 – 282 ईसा पूर्व ने अलेक्जेंड्रिया में जहाजों को मार्गदर्शन करने और अपनी शक्ति और महानता का स्थायी  प्रदान करने के लिए एक विशाल प्रकाशस्तंभ की इमारत को चालू किया। 

5. मसोलोस का मकबरा/Halicarnassus of Maussollos

मसोलोस का मकबरा/mausoleum of mausolus 

यह एक मकबरा हे जो की राजा मसोलोस के लिए बनवाया गया था  जोकि प्राचीन युग का अजूबा हे यह 300 से 350 इसा पूर्व में बनाया गया सबसे भविये स्मारक हे 

मसोलोस का मकबरा का इतिहास 

300 से 350 ईस्वी में बनाया गया हे यह मकबरा हे राजा मसोलोस का यह 135 फिट की ुँचिए पर बनता | वर्तमान में करिया (तुर्की )में स्थित हे संरचना ग्रीक आर्किटेक्ट्स सैटिरस और पायथिस द्वारा डिजाइन की गई थी 377 ईस्वी में अनातोलिया के तट पर हेलिकनारसेस एक छोटा सा साम्राज्य था उस वर्ष क्षेत्र के शासक, मिलस के हेककोमोनस की मृत्यु हो गई और राज्य के नियंत्रण को उनके बेटे, मासोलोस में छोड़ दिया गया। मसोलोस का ये मकबरा हे  

6. ज़ीउस की मूर्ति/statue of zeus 

ज़ीउस की मूर्ति/statue of zeus

प्राचीन काल में ओलम्पिया में राजा ज़ीउस की मूर्ति का निर्माण किया गया था और हर वर्ष वहा ओलम्पिक खेलो का आयोजन किया जाता था 

ज़ीउस की मूर्ति का इतिहास 

ओलम्पिया में ज़ीउस की प्रतिमा प्राचीन काल के 7 अजूबो मेसे एक हे | इस मूर्ति का निर्माण यूनानी मूर्ति कर फिडियास ने435  इसा पूर्व में किया था इस मूर्ति को यूनान में ज़ीउस के मंदिर में स्थापित किया गया था | ओलम्पिक खेल 776 इसा पूर्व में शुरू किआ गया था  

7. रोड्स के कोलोसस/colossus of rhodes 

रोड्स के कोलोसस/colossus of rhodes 

यह प्राचीन ग्रीस सभ्यता में बानी सूर्ये देवता “हेलियोस ” की प्रतिमा हे यह 32 मिटेर ऊँचा हे और मंडरिकीअन बंदरगाह पर खड़ा हे 

रोड्स के कोलोसस का इतिहास 

रोडस के कोलोसस प्राचीन ग्रीस शहर में जो मँडरिकीअन बंदरगाह के बगल में खड़ा था रोड्स , आधुनिक ग्रीक ,मूर्ति वास्तव में लोहे के फ्रेम के साथ बनाई गई थी, और इसके ऊपर Rhodians हेलियोस की बाहरी संरचना बनाने के लिए नक्काशीदार और मूर्तिकला पीतल प्लेटों का इस्तेमाल किया।

इतिहास करो में मतभेद हे कोई इसे बन्दरगा हे दोनों और बताता हे तो कोई इसे एक तरफ खड़ा बताता हे ये आश्चर्ये की बात हे 

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