bp kaise check kare

bp kaise check kare/ghar par BP kaise test kare

bp kaise check kare :- नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत के इस लेख में  हम आपके लिए ब्लड प्रेशर मशीन जिसे स्फिग्मोमेनोमेटेर कहते हे इस मशीन से ब्लड प्रेशर मापने का सही तरीका लेकर आये हे , आप घर बैठे अपना रक्तचाप की जाँच घर पर ही कर सकते हे ।

भारत में हर 10 मेसे एक को उच्च रक्तचाप या निम्न रक्तचाप की समस्या हे ।  यदि आपके पास एक स्टेथोस्कोप   और  एक स्फिग्मोमेनोमेटेर हे तो आपको हॉस्पिटल जाने की जरुरत नहीं हे क्योंकि आप घर पर ही ब्लड प्रेशर की जाँच कर सकते हे । – bp kaise check kare

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ब्लड प्रेशर (BP) कैसे चेक करें ।

घर पर ब्लड प्रेशर की जाँच करने के लिए आपके पास मुख्यरूप से दो चींजे होनी चाहिए 1. पहला हे – स्टेथोस्कोप (stethoscope ) यह एक आपको 200 रुपए  से 500 रुपए तक मिल जायेगा ।

2. दूसरा हे – स्फिग्मोमेनोमेटेर (sphygmomanometer) इसे हम BP SET भी कहते हे, यह आपको 1000 रुपए से 2000 रुपए  तक मिल जायेगा ।

स्फिग्मोमेनोमेटेर (sphygmomanometer) से ब्लड प्रेशर जांचने के लिए निम्न चरण अपनाये ।

1. मरीज को पांच मिनट तक आराम करने दें।

2. मरीज के हाथ को निचे की और झुका कर रखे ताकि वह ह्रदये से निचे रहे और स्फिग्मोमेनोमेटेर के समान्तर रहे ।

3. कफ को कोहनी से ऊपर भुजा पर कस के बांधे यह न ज्यादा ढीला न ज्यादा कसा होना चाहिए ।

4. बोल से हवा का दबाव बढ़ने के लिए बोल पर लगे वॉल्व को बंद करे

5. स्टेथोस्कोप को कोहनी पर कफ के निचे लगाए और दोनों होस्सो को कान में लगाए और धमनी की धड़कन सुनने पर ध्यान दे

6. बोल से कफ में हवा भरे और दबाव को तब तक बढाए जब तक धमनी में धड़कन की आवाज आना बंद न हो जाये जिस अंक पर आवाज आना बंद हो जाये वहां से 10 अंक और प्रेशर  बढ़ाये ।

7. अब वॉल्व को धिरे धरे से खोले और हवा निकाले जिस अंक पर आपको धमनी से धड़कन की आवाज सुनाई दे उसे नॉट करे ले, यह पहली रीडिंग हे । जिसे सिस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है ।

8. वाल से हवा को और निकाले और ध्यान  से सुने अब जिस अंक पर धमनी से आवाज आना बंद हो जाती हे जिसे –  डायस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है ।

9. अब कफ से पूरी हवा निकाल दे और कफ को निकाल ले आपका ब्लड प्रेशर की जाँच हो चुकी हे ।

10. अगर आपके पर स्टेथोस्कोप नहीं हे तो कोई बात नहीं आप रोगी की कलाई पकड़ कर नस का परिक्षण कर सकते हे

11. इस प्रक्रिया को दो बार दोहराये और यह सुनिश्चित करें की दोनों परिक्षण में सामान अंक आये हे ।

ब्लड प्रेसर क्या होता है ?

रक्तचाप आपकी धमनियों की दीवारों के खिलाफ रक्त का दबाव है। धमनियां आपके हृदय से आपके शरीर के अन्य हिस्सों में रक्त ले जाती हैं।आपका रक्तचाप आम तौर पर पूरे दिन बढ़ता और गिरता है।

हमारे शरीर में ह्रदये का कार्य होता हे की वह शरीर में शुद्ध  रक्त को पंप करके शरीर के सभी अंगो में पहुंचाए, और अशुद्ध रक्त को पंप करके फेफड़ो तक लेकर जाये और इस कार्य के लिए शरीर में ह्रदये लगातार शरीर में रक्त तो पंप करता रहता हे ।

इस रक्त का दबाव एक तय सिमा तक रहे तो शरीर के सभी अंग सही से कार्य  करेंगे, लेकिन यदि यह रक्त दाब जरुरत  से ज्यादा हो जाये या कम हो जाये तो एक बीमारी का रूप ले लेता हे और चककर आना, हार्ट अटेक होने के साथ लखवा जैसी शारारिक परेशानी पैदा करता हे ।

ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए

ब्लड प्रेशर दो प्रकार का होता हे जिसे उच्च रक्तचाप ( हाई ब्लड प्रेशर ) और निम्न रक्तचाप ( लौ ब्लड प्रेशर ) कहा  जाता हे  ।

  1. यदि टेस्ट में 140/90  mmHg रीडिंग आती हे तो यह उच्च रक्तचाप यानि हाई ब्लड प्रेशर की श्रेणी में आता हे  , लेकिन कभी कभी ज्यादा गुस्सा करने पर या ज्यादा महनत   का कार्य  करने पर भी bp ज्यादा हो जाता हे । लेकिन यह सामान्य प्रकिर्या होती हे शरीर की । समस्या तब होती हे जब bp हमेशा रहने लगे और बीमारी का रूप लेले

2. यदि ब्लड का प्रेशर 90/60 mmHg की रीडिंग पर हो तो यह लौ ब्लड प्रेशर होना का संकेत हे । लौ ब्लड प्रेशर में आपको चक्केर आने का और बेहोशी आने का खतरा रहता हे साथ में लखवा और स्मृति खोने या परमानेंट मस्तिक्ष क्षति का खतरा रहता हे

3. यदि ब्लड प्रेशर की रीडिंग 120/80 mmHg हे तो यह सामान्य ब्लड प्रेशर हे इतना नार्मल ब्लड प्रेशर होता हे ।

ब्लड प्रेशर कितने प्रकार का होता है ?

ब्लड प्रेशर स्फिग्मोमेनोमेटेर की रीड़िंग के अनुसार दो अंको की श्रेणियों में होता हे जिसे दो भागो में वर्गीकृत किया गया हे

1. पहला हे – उच्च रक्त चाप जिसे हाई ब्लड प्रेशर भी कहते है जब स्फिग्मोमेनोमेटेर में अंक 140/90 mmhg अंक बताया गया हो तो यह उच्च रक्तचाप हे । और जब यह निरंतर रहने लगे तो यह निसंदेह एक घातक बीमारी हे ।

पहला नंबर, 140 mmgh जिसे सिस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है, जब आपका दिल धड़कता है तो आपकी धमनियों में दबाव को मापता है।

दूसरी संख्या – 90 mmgh जिसे डायस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है, आपकी धमनियों में दबाव को मापता है जब आपका दिल धड़कता है।

लक्षण – उच्च रक्तचाप में आमतौर पर कोई चेतावनी संकेत या लक्षण नहीं होते हैं, और बहुत से लोग नहीं जानते कि उनके पास यह है। आपके रक्तचाप को मापना यह जानने का एकमात्र तरीका है कि आपको उच्च रक्तचाप है या नहीं।

2. दूसरा हे – लौ ब्लड प्रेशर में स्फिग्मोमेनोमेटेर की रीडिंग यदि 90/60 mmgh होती हे जोकि निरंतर रहने पर बीमारी के संकेत हे

पहला नंबर, 90 mmgh जिसे सिस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है, जब आपका दिल धड़कता है तो आपकी धमनियों में दबाव को मापता है।

दूसरा नंबर – दूसरी संख्या, 60 mmgh  जिसे डायस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है, आपकी धमनियों में दबाव को मापता है जब आपका दिल धड़कता है।

लक्षण – ज्यादातर मामलों में (90/80 mmgh से कम) रक्तचाप कम होता है। लेकिन निम्न रक्तचाप कभी-कभी आपको थकान,चक्कर,चक्कर आना,जी मिचलाना,चिपचिपी त्वचा,डिप्रेशन,होश खो देना,धुंधली नज़र महसूस कर सकता है। उन मामलों में, हाइपोटेंशन एक अंतर्निहित स्थिति का संकेत हो सकता है जिसे इलाज किया जाना चाहिए।

ब्लड प्रेशर का कारण

  • माँ और बढ़ते भ्रूण दोनों से रक्त की मांग में वृद्धि के कारण गर्भावस्था
  • चोट के माध्यम से बड़ी मात्रा में रक्त की हानि
  • दिल के दौरे या दोषपूर्ण हृदय वाल्व के कारण बिगड़ा हुआ परिसंचरण
  • कमजोरी और सदमे की स्थिति जो कभी-कभी निर्जलीकरण के साथ होती है
  • एनाफिलेक्टिक शॉक , एलर्जी की प्रतिक्रिया का एक गंभीर रूप
  • रक्तप्रवाह का संक्रमण
  • अंतःस्रावी विकार जैसे मधुमेह , अधिवृक्क अपर्याप्तता और थायरॉयड रोग
  • दवाओं के कारण भी रक्तचाप गिर सकता है। बीटा-ब्लॉकर्स और नाइट्रोग्लिसरीन, जिनका उपयोग हृदय रोग के इलाज के लिए किया जाता है, सामान्य अपराधी हैं।
  • मूत्रवर्धक , ट्राईसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट और स्तंभन दोष की दवाएं भी हाइपोटेंशन का कारण बन सकती हैं।
  • यह अस्वास्थ्यकर जीवनशैली विकल्पों के कारण हो सकता है,
  • पर्याप्त नियमित शारीरिक गतिविधि नहीं करना।
  • कुछ स्वास्थ्य स्थितियां , जैसे मधुमेह और मोटापा, उच्च रक्तचाप के विकास के जोखिम को भी बढ़ा सकती हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप भी हो सकता है।

ब्लड प्रेशर से होने वाली बीमारिया ।

उच्च रक्तचाप आपके स्वास्थ्य को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। यह आपके दिल, मस्तिष्क, गुर्दे और आंखों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर रूप से चोट पहुंचा सकता है।

अच्छी खबर यह है कि, ज्यादातर मामलों में, आप गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अपने जोखिम को कम करने के लिए अपने रक्तचाप का प्रबंधन कर सकते हैं।

सीने में दर्द, जिसे एनजाइना भी कहा जाता है।
दिल का दौरा , जो तब होता है जब आपके दिल को रक्त की आपूर्ति अवरुद्ध हो जाती है और हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन के बिना मरना शुरू हो जाता है। रक्त प्रवाह जितना लंबा होगा, हृदय को होने वाली क्षति उतनी ही अधिक होगी।
दिल की विफलता , एक ऐसी स्थिति जिसका अर्थ है कि आपका हृदय आपके अन्य अंगों को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन पंप नहीं कर सकता है।

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