LSD क्या है ? lumpy skin disease full details hindi me | लम्पी  रोग से अपने जानवरो को कैसे सुरक्षित रखे। जाने लम्पी वायरस के कारण, लक्षण, बचाव, और उपचार।

 lumpy skin disease full details hindi me  : – इस लेख में हम चर्चा करेंगे। लम्पि त्वचा रोग की जो हाल ही में चर्चा का विषय बना हुआ हे यह वायरस जनित संक्रमक त्वचा रोग हे जोकि  जानवरो में फैलता हे खास कर गोवंश इससे बहुत प्रभावित हुई हे।  इस लेख में हम लम्पि रोग के बारे में विस्तार से जानेगे और साथ ही इस से जुड़े गलत तथ्ये और भ्रांतिया भी बताएँगे।

 

लम्पि रोग जानवरो में होने वाला एक वायरस जनित संक्रामक त्वचा रोग हे।  इसमें जानवरो की त्वचा पर चकते और गाँठे निकलने लगती हे।  यह रोग संक्रामक हे जोकि पानी , हवा , संपर्क से फैलता हे।  भारत में हाल ही के दिनों में लम्पि रोग एक महामारी का रूप लेता जा रहा हे।  कई राज्यों के कैसे कई जिलों में यह रोग लाखों की संख्या में गोवंश को अपने कब्जे में ले चूका हे और हजारो की संख्या में गोवंश अब तक इस रोग से मर चुकी हे।  राजस्थान और मध्यपरदेश में इस रोग ने कहर बरपाया हुआ हे। यहां अभी लाखो की संख्या में गोवंश  वायरस के संक्रमित हे।

लम्पि (lumpy skin disease LSD) रोग की उत्पत्ति

लम्पि त्वचा रोग का पहला मामला सन 1929 को दक्षिणी अफ्रीका के जाम्बिया शहर में मिला था।  2012 में यूरोप , रूस और कजाकिस्तान के जरिये  यह रोग  तेजी से फैला। एशिया महादीप वे बांग्लादेश में इस रोग का मामला जुलाई 2019  में देखा गया।  भारत में इस रोग को सबसे पहले 12 अगस्त , 2019 उड़ीसा राज्य में देखा गया। अभी यह राजस्थान के कोटा जिले में पहला मामला देखा गया हे।

लम्पि त्वचा रोग होने  का कारण (cause of disease LSD)

यह वायरस जनित रोग हे केपरोपरॉक्सी नमक वायरस से यह रोग होता हे ,इसे निथलिंग वायरस भी कहते हे।  देशी भाषा में इसे गाँठ रोग या गठिया रोग भी कहते हे।  यह रोग जानवरो में गायों और भैसों को अधिक प्रभावित करता हे।  विशेष रूप से यह रोग गोवंश को सबसे ज्यादा संक्रमित करता हे।  LSD वायरस एक संक्रमित रोग हे जोकि पानी , हवा संपर्क से फैलता हे।

लम्पि रोग कैसे फैलता हे

लाम्पी रोग एक संक्रामक रोग हे जोकि पशुओं से पशुओं में फैलता हे मनुष्ये में यह रोग नहीं देखा गया हे। लेकिन फिर भी रोगी पशु के दूध को अच्छे से उबाल कर इस्तेमाल करे। रोगी पशु के संपर्क में आने वाले दूसरे पशु भी संकर्मित हो जाते हे।  यह रोग मक्खी – मच्छर से भी फैलते हे मक्खी मच्छर इस रोग के वाहक होते हे और छूने  से भी फैलता हे।

लम्पि रोग के लक्षण क्या हे (symptoms of disease)

  •  इस रोग में  रोगी पशुओ में शुरुआती लक्षण में पशु सुस्त सुस्त रहेगा।
  • पशु के शरीर का तापमान बढ़ना
  • पशु खाना पीना कम कर देगा या नहीं खायेगा
  • पशुओ की त्वचा पर लाला चकते या दाने दिखाई देंगे
  • गम्भर स्थति में त्वचा पर  गांठे दिखाई देंगी।
  • गांठो से मवाद आना और गाँठे पाक जाना।

लाम्पी रोग का बचाव कैसे करे

यह पशुओ में बहुत तकलीफ देने वाली भयानक बीमारी हे इस वायरस का कोई ठोस इलाज नहीं हे लेकिन टीकाकरण करके इससे बचाव किया जा सकता और खासतौर पर रोग को फैलने से रोके क्योकि यह एक संक्रामक रोग हे।  संक्रमण को फैलने से बचने के लिए यह जरुरी कदम उठाये।

  • रोगी पशु को करेन्टीन करे
  • अन्य पशुओं के संपर्क में ना आने दे
  • पानी और मल मूत्र की निकासी की अलग व्यवस्था करे।
  • मल मूत्र का निस्तारण करें
  • मच्छर मक्खी को पशुओ से दूर करे
  • अपने नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करे और पशु का इलाज प्रारम्भ करे।
  • मनुष्ये भी रोगी पशु के दूध को अच्छे से उबाल कर इस्तेमाल करे

लम्पी रोग पशु का उपचार

पशु की त्वचा पर हुई गाँठों पर आप प्रॉविडीन आयोडाइड मलहम लगा सकते हे।  जिसे पीला मलहम भी कहते हे आमतौर पर घाव पर लगाया जाता हे।  इससे इन्फेक्शन ज्यादा नहीं फैलेगा और माखी मच्छर भी पशु से दूर रहेंगे।  यदि पशु के शरीर का तापमान ज्यादा हे उसे बुखार हे तो आप पेरासिटामोल टेबलेट दे सकते हे।  इसकी मात्रा डॉक्टर से सलाह लेकर दे। और एंटीबायोटिक इंजेक्टिन का स्तेमाल  भी डॉक्टर की सलाह से करे।  पशुओ में रोगप्रतिरोधकता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ पशुओ को दे।  नीम और हल्दी का पेस्ट शुरुआती लक्षण में आप पशु त्वचा पर लगा सकते हे।  नीम के पत्ते का धुंआ करे मख्खी मच्छर को भगाये।

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