pregnant kaise hote hai

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pregnant kaise hote hai

मनुष्य और अधिकतर सभी जीव में लैंगिक जनन पाया जाता हे |

दोस्तों इस पोस्ट में लैंगिक जनन और गर्भ घारण से जुडी सभी जानकारी दी जाएगी जैसेकि प्रेग्नेंट कैसे होते हे |

कब होते हे और किन किन परिस्थितयो में गर्भ ठहरने की सम्भावना ज्यादा होती हे |

में आपको विज्ञानं के पहलुओं से जुड़े तथ्ये और वैज्ञानिक दृष्टी कोण से समझने की कोशिश करूँगा

मनुष्यो और सभी स्तनपायी जीव जन्तुओ में लैंगिक जनन और प्रजनन की किर्या कैसे होती हे |

इस आर्टिकल को पूरा पड़े और जाने की गर्भ घारण कैसे होता हे | प्रेग्नेंट कैसे होते हे |

लड़की प्रेग्नेंट कैसे होती है जानकारी

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लड़की के पीरियड क्यों आते हे

जब लड़की 13 वर्ष की हो जाती हे तब लड़कियों के जननांगो में अंडे बनाने लगते हे

और लड़कियों के शरीर में एक जोड़ी अंडाशय होते हे

जोकि प्रोजेस्टरोन हार्मोंस और अंडे बनाने का करए करते हे |

प्रोजेस्ट्रोन हार्मांस लड़कियों में स्त्री के गुणों का विकास करती हे

जैसेकि:-

  • आवाज का पतला होना ,हडियो का लचीला होना,स्तनों का विकास आदि ये सभी गुण लड़की में 12  से 13 वर्ष की होने पर प्रकट होने लगते हे |

अंडाशय में अंडो का निर्माण लगातार होता रहता हे

और महीने के आखिर में जबकि कोई भी अंडा निशेषित ना हुआ हो ऐसी स्थति  में अंडाशय की थैली फैट जाती हे

और खून व् लसलसा पदार्थ योनि से बाहर निकलता हे

जिसे माहवारी या पीरियड भी कहते हे ये  7 दिनों तक रहता हे ,ये प्रकिर्या गर्भ ठहर ने के बाद बंद हो जाती हे |

9 माह बाद शिशु के जन्म के अगले महीने में पीरियड आना पुनः प्रारम्भ हो जाते हे|

प्रेग्नेंट कैसे होते है पूरी जानकारी

स्र्त्रिओं में और लगभग सभी स्तनपायी जीवो में मादा जननांग सामान होते हे|

मनुष्यो में लैंगिक जनन होता हे,जिसमे पुरुष अपने लिंग की सहायता से शुक्रणुओं को लड़की के शरीर में प्रवश  करता हे |

जब लड़के के शुक्राणु जोकि वीर्य में होते हे लड़की की योनि में पहुंचते हे

तो शुक्राणु योनि मार्ग से सफर करते हुए फिलोपियन ट्यूब तक पहुंचते हे

फिलोपियन ट्यूब गर्भाशय के दोनों और तंतु के सामान होती हे

फिलोपियन टूयूब के किनारो पर अंडाशय होते हे जोकि अंडो का निर्माण करते हे |

जो शुक्राणु अंडे को  भेद कर अंडे में परवश कर  जाता हे

वही शुक्राणु निषेचन प्रकिर्या को पूर्ण करता हे |

अंडा निषेचित होने को ही गर्भ ठहरना या प्रेग्नेंट होना कहते हे |

प्रेग्नेंट होने  के बाद लड़की के पीरियड आना बंद हो जाते हे |

लड़की प्रेग्नेंट हे कैसे पता करे ?

जब कोई लड़की प्रेग्नेंट हो जाती हे तो उसके पीरियड आना बंद हो जाते हे |

शुरू शुरू में अगर पता करना हो  की  प्रग्नेंट हो या नहीं तो सबसे आसान तरीका हे

की अपने मासिक धर्म पर नजर रखे जिस तारीख को लड़की के माहवारी आती हे

से उस डेट के दो तीन दिन ऊपर निचे अभी अगर लड़की हे पीरियड नहीं आते हे

और उसने कुछ दिनों पहले या एक month के भीतर किसी लड़के के साथ संबंध बनाये हे

तो पूरा पूरा चांस हे की गर्भ ठहर गया हे, लड़की प्रेग्नेंट हे |

प्रेग्नेंट होने की सम्भावना कब अधिक होती हे ?

जब लड़की  हाल ही के दिनों में किसी लड़के से सम्बन्ध बनाये हो | उसके बाद लड़की को अपनी डेट पर  पीरियड नहीं आया हो ,लड़के ने या लड़की दोनों ने कोई प्रिकॉशन नहीं लिया हो जैसेकि  गर्भ निरोधक गोली या कंडोम का स्तमाल न किया हो | जिस समय सम्बन्ध बनाये लड़की एक या दो दिन पहले ही MC में रही हो या सेक्स के दौरान लड़की MC में हो तो 90 % चांस हे प्रेग्नेंट होने का

pregnant होने की जाँच कैसे करे

लड़की प्रेग्नेंट हे या नहीं तुरंत पता करने  के लिए preganews नाम से  किसी भी मेडिकल स्टोर पर प्रेग्नेंसी टेस्ट करने की स्टिक मिलती हे लगभल  80 सॅ 90 रुपए की मिल जाएगी किसी भी मेडिकल स्टोर से लेले और उस पर लिखे निर्देशों हे अनुसार उसे उपयोग कर जाने की लड़की प्रेग्नेंट हे या नहीं | या

मादाओं में पाए जाने वाले जनन अंग

लड़कियों में प्रजनन के लिए विशेष अंग होते हे जीने जनांग कहते हे | और प्रजनन से लेकर गर्भ घारण तथा शिशु जन्म की सम्पूर्ण प्रकिर्या मादा जनांगो में ही सम्पन होती हे | मुख्यतः लड़कियों में एक गर्भाशय ,योनि ,भग , दो अंडाशय ,फिलोपियन ट्यूब ये सभी जननांग के मुख्य भाग होते हे | जैसा की निचे चित्र में दिखाया गया हे |

मादाओं में पाए जाने वाले जनन अंग

गर्भाशय 

शिशु का 70 प्रतिशत विकास गर्भाशय में ही होता हे | शुक्राणु और अंडाणु के निषेचन के बाद भ्रूण बनाने की प्राथमिक शरण की पर्किर्या शुरू होती हे और लगभग 3 हफ्तों तक भ्रूण का विकास फिलोपियन ट्यूब में ही होता हे | उसके बाद भ्रूण गर्भाशय में पहुँचता हे जहा गर्भाषये की भित्ति से प्लेसेंटा के दुवारा चिपक जाता हे और फिर शिशु जन्म तक पूरा विकास गर्भाशय में ही होता हे –

योनि 

योनि एक प्रवेश दुवार हे जोकि लैंगिक सम्बन्ध बनाने और नर जननांग के प्रवेश तथा शुक्राणु हे प्रवेश में मुख्य भुमका निभाती हे | जब लड़की के साथ शारारिक सम्बन्ध बनाये जाते हे तो योनि में ही सम्पूर्ण प्रकिर्या पूर्ण होती हे | नर शुक्राणु योन सम्बन्ध के दौरान मादा हे शरीर में योनि मार्ग से ही प्रवेश करते हे |

अंडाशय 

लड़कियों में अंडाशय के दो जोड़े पाए जाते हे ,और दोनों ही गर्भाशय हे दोनों तरफ तंतुओ की तरह से चिपके रहते हे | अंडाशय में ही अंडो का निर्माण होता हे | दोनों जोड़े मिलकर लगातार अंडो के निर्माण की प्रकिर्या करते रहते हे | महीने के आखिर में जिसे माहवारी भी कहते हे इन अंडो का जीवन चक्र समाप्त हो जाता हे जबतक की कोई अंडा निषेचित ना हो ऐसी स्थति में महीने के आखिर में इन अंडो की थैली फैट जाती हे और खून और पानी के साथ ये योनि दुवार से बहार नकलते रहते हे और लड़कियों में माहवारी चक्र 7 दिंनो तक चलता रहते हे

फैलोपियन ट्यूब 

फैलोपियन ट्यूब में ही नर शुक्राणु और मादा अंडाणु के बिच निषेचन की पर्किर्या पूर्ण होती हे | नर शुक्राणु योनि से प्रवेश कर फिलोपियन ट्यूब तक का सफर करते हे | एक बार में नर सम्बन्ध बनाने के दौरान 20 करोड़ शुक्राणुओं का त्याग मादा योनि के भीतर करता हे | लेकिन सिर्फ एक ही शुक्राणु फिलोपियन ट्यूब तक पहुंच कर अंडे को निषेचित कर पता हे | फिलपियन ट्यूब में बच्चा सिर्फ 3 हफ्तों तक रहता हे फिर लुढ़क कर गर्भाशय में आजाता हे और जन्म तक वही उसका विकास होता हे |

नर में पाए जाने वाले जनांग

नरो में मुख्य तह सभी लैंगिक किर्याओ में भाग लेने वाले अंग सामान होते हे | चाहे मनुष्य हो या फिर कोई भी स्तन पाय जीव ,नर में दो अंडकोष ,एक शिशन ,प्रस्टेट ग्रंथि ,एक जोड़ी वृषण मुख्य भाग होते हे | अंडकोष में वर्षण होते हे जोकि अखरोट के सामान बड़े होते हे जोकि संख्या में दो होते हे और लिंग के निचे अंडकोष में रहते हे वर्षण को अंड भी कहते हे | अंड में शुक्राणुओं का निर्माण होता हे और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स है भी निर्माण होता हे टेस्टेस्टरों हार्मोन्स नर में पुरुष व्यवहार उत्पन्न करने में और सेक्स किर्याओ में अहम् भूमिका निभाता हे |

नर में पाए जाने वाले जनांग,

शिश्न (लिंग )

लिंग नर में प्रजनन का मुख्य अंग होता हे जिसकी सहायता से नर शुक्रणुओं को मादा के शरीर में प्रवेश कर पता हे | शिशन एक मांसल संरचना होती हे ,जिसमे मोटी रक्त वाहिनी होती हे रक्त वाहिनी में सेक्स करने के दौरान रक्त प्रवाह होने लगता हे और लिंग में तनाव पैदा हो जाता हे और लिंग योनि में प्रवेश के लिए तैयार हो जाता हे | शिशन के अगर भाग पर शिशन मुंड होती हे जोकि टोपी के सामान और नुकीली होती हे जो योनि में लिंग के प्रवेश को सुगम बनती हे |

पुरुषो में प्रोस्टेट ग्रंथि मूत्राशय और मूत्र मार्ग के ऊपर स्थित होती हे प्रोस्टेट अखरोट के सामान आकर की होती हे | नरो में प्रोस्टेट सेक्स इच्छाओ को प्रबल बनाने साथ ही वीर्य के निर्माण में अहम् भूमिका निभाती हे मूत्र और वीर्य के निकलने पर पूर्ण नियंतरण प्रोस्टेट ग्रंथि करती हे | लड़की से सम्बन्ध बनाने के दौरान  प्रोस्टेट ही वीर्ये को लिंग से बाहर इजेक्ट करता हे एक तीव्र दबाव से | प्रोस्टेट नरो में योन इच्छाओ को प्रेरित करता हे |

रोचक जानकारी 

एक बार में सम्बन्ध बनाने ये वीर्य त्यागने पर 20 करोड़ शुक्राणु बहार नकलते हे | अगर हर यह शुक्राणु से एक बच्चा पैदा किया जाये तो सिर्फ एक पुरुष ही पूरी दुनिया जितनी आबादी पैदा कर सकता हे | 20 करोड़ मेसे केवल एक ही शुक्राणु अंडे को निषेचित कर पता हे | कभी कभी दो या तीन भी शिशु जन्म लेते हे जोकि बहुत कम संभव हे |

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